छत्तीसगढ़ की भूगर्भिक संरचना एवं शैल समूह (Geological Structure & Rock Systems)

इस टॉपिक से CGPSC और Vyapam में हर साल कूट (Statements) और मैचिंग वाले प्रश्न आते हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास (खनिज संपदा) का सीधा आधार यही शैल समूह हैं।

भूगर्भिक संरचना का अर्थ है कि छत्तीसगढ़ की भूमि के नीचे किस-किस काल (Era) की चट्टानें पाई जाती हैं। इन्हीं चट्टानों के टूटने से यहाँ की मिट्टी बनी है और इन्हीं के भीतर राज्य के मुख्य खनिज छिपे हैं।

छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से 6 शैल समूह पाए जाते हैं। इन्हें हम उनके विस्तार के प्रतिशत के घटते क्रम (Decreasing Order) में पढ़ेंगे:

[छत्तीसगढ़ के मुख्य शैल समूह — घटता क्रम]

आर्कियन
~50%

कड़प्पा
~25-30%

गोंडवाना
~17%

धारवाड़
~6-8%

दक्कन ट्रैप
~4-5%

विंध्यन
<1%

1. आर्कियन शैल समूह (Archaean Rock System) — आद्य महाकल्प

  • प्रतिशत हिस्सा: लगभग 50% (यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और विस्तृत शैल समूह है)।
  • विशेषता: यह पृथ्वी की सबसे प्राचीन और प्राथमिक (Primary) चट्टानें हैं। अत्यधिक पुरानी होने के कारण इनमें जीवाश्म (Fossils) नहीं पाए जाते। रूप बदलने के कारण ये अब ‘ग्रेनाइट’ और ‘नीस’ के रूप में मिलती हैं।
  • विस्तार: यह राज्य के लगभग सभी भागों (उत्तर, मध्य और दक्षिण) के आधार में फैली हुई है, लेकिन बस्तर के पठार और सरगुजा संभाग में यह ऊपरी तौर पर अधिक दिखाई देती है।
  • प्रमुख खनिज: यह सीधे तौर पर खनिज संपदा की दृष्टि से बहुत कठिन चट्टान है, लेकिन इसके क्षरण (weathering) से अन्य चट्टानें और लाल-पीली मिट्टी बनी है।

2. कड़प्पा शैल समूह (Cuddapah Rock System) — पुराण संघ

  • प्रतिशत हिस्सा: लगभग 25% से 30% (यह राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शैल समूह है)।
  • बनावट: इसका निर्माण आर्कियन चट्टानों के अपरदन (Erosion) और अवसादीकरण (Sedimentation) से हुआ है। यह परतदार चट्टान है।
  • आकार एवं विस्तार: छत्तीसगढ़ के नक्शे के बीच में इसका आकार एक ‘कटोरे’ या ‘तश्तरी’ (Saucer-shaped) जैसा है। यह मुख्य रूप से महानदी बेसिन (छत्तीसगढ़ के मैदान) में फैला हुआ है (जैसे- रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा आदि)।
  • प्रमुख खनिज:चूना पत्थर (Limestone) और डोलोमाइट (Dolomite)
    • Exam Fact: इसी कारण छत्तीसगढ़ के मैदानी भागों में सीमेंट फैक्ट्रियों का सबसे बड़ा संकेंद्रण (Concentration) पाया जाता है।

3. गोंडवाना शैल समूह (Gondwana Rock System)

  • प्रतिशत हिस्सा: लगभग 17%
  • बनावट: यह चट्टानें नदियों के घाटियों में पेड़-पौधों और जीवों के मलबे के दबने (जीवाश्म) से बनी हैं।
  • विस्तार: यह मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग (पूर्वी बघेलखंड का पठार) में पाई जाती है। इसके तीन उप-भाग छत्तीसगढ़ में हैं:
    1. लोअर गोंडवाना: मनेंन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB), कोरिया, कोरबा का क्षेत्र।
    2. मिडल गोंडवाना: सरगुजा का कुछ हिस्सा।
    3. अपर गोंडवाना: जनकपुर (MCB) और प्रतापपुर (सूरजपुर) का क्षेत्र।
  • प्रमुख खनिज:कोयला (Coal)
    • Exam Fact: छत्तीसगढ़ का शत-प्रतिशत कोयला इसी गोंडवाना शैल समूह (विशेषकर लोअर गोंडवाना) से निकाला जाता है।

4. धारवाड़ शैल समूह (Dharwar Rock System)

  • प्रतिशत हिस्सा: लगभग 6% से 8%
  • विशेषता: यह अत्यंत महत्वपूर्ण चट्टान है क्योंकि यह धात्विक खनिजों (Metallic Minerals) के मामले में सबसे समृद्ध शैल समूह है। इसका निर्माण आर्कियन चट्टानों के रूपांतरण से हुआ है।
  • विस्तार: छत्तीसगढ़ में इसके तीन प्रमुख क्षेत्र (सीरीज) हैं:
    1. चिल्फी घाटी सीरीज: कवर्धा (कबीरधाम), मुंगेली, राजनांदगांव।
    2. सोनाखान सीरीज: बलौदाबाजार (यहाँ सोना मिलने के साक्ष्य हैं)।
    3. आयरन ओर सीरीज: बस्तर संभाग (दंतेवाड़ा के बैलाडीला, कांकेर के रावघाट, नारायणपुर)।
  • प्रमुख खनिज: लौह-अयस्क (Iron Ore), टिन (Tin), मैंगनीज और सोना (Gold)

5. दक्कन ट्रैप (Deccan Trap) — क्रिटेशियस कल्प

  • प्रतिशत हिस्सा: लगभग 4% से 5%
  • बनावट: दरारी ज्वालामुखी के लावा (Basalt) के ठंडे होकर जमने से इन चट्टानों का निर्माण हुआ है। इन चट्टानों के टूटने से काली मिट्टी (Regur Soil) बनती है।
  • विस्तार: यह छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी भाग अर्थात् जशपुर-सामरी पाट प्रदेश में पाया जाता है। इसके अलावा मैकल श्रेणी के कुछ हिस्सों (कवर्धा) में भी इसका आंशिक विस्तार है।
  • प्रमुख खनिज:बॉक्साइट (Bauxite)
    • Exam Fact: जशपुर का फुटका पहाड़, मैनपाट का क्षेत्र बॉक्साइट खनन के लिए प्रसिद्ध है, जो एल्युमिनियम बनाने के काम आता है।

6. विंध्यन शैल समूह (Vindhyan Rock System)

  • प्रतिशत हिस्सा: 1% से भी कम (यह छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा शैल समूह है)।
  • विस्तार: इसके बहुत छोटे पैच छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मिलते हैं, जैसे रायपुर संभाग के गरियाबंद (राजिम क्षेत्र) और बस्तर संभाग के जगदलपुर के कुछ हिस्सों में।
  • प्रमुख खनिज: भवन निर्माण के पत्थर, क्वार्टजाइट और कुछ मात्रा में हीरा (जैसे गरियाबंद का पायलीखंड क्षेत्र जो कि विंध्यन/किम्बरलाइट पाइप से जुड़ा है)।

डायरेक्ट एग्जाम मैचिंग टेबल (Quick Revision)

परीक्षा में समय बचाने के लिए इस जोड़े को हमेशा याद रखें:

शैल समूह (Rock System)मुख्य खनिज (Key Mineral)मुख्य क्षेत्र (Key Region)
धारवाड़लौह-अयस्क (Iron), टिनबस्तर, दंतेवाड़ा, कवर्धा
कड़प्पाचूना पत्थर, डोलोमाइटमहानदी बेसिन (मध्य छत्तीसगढ़)
गोंडवानाकोयला (Coal)सरगुजा, कोरिया, कोरबा
दक्कन ट्रैपबॉक्साइट (Bauxite)जशपुर, मैनपाट (पाट प्रदेश)

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