जलप्रपात (Waterfalls) और सिंचाई परियोजनाओं (Dams/Canals) से परीक्षा में सीधे वस्तुनिष्ठ (MCQ) या जोड़ी मिलाने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।
आइए, टॉपिक 5: छत्तीसगढ़ के प्रमुख जलप्रपात एवं सिंचाई परियोजनाएं/बांध को पूरी तरह विस्तार से समझते हैं।
भाग 1: छत्तीसगढ़ के प्रमुख जलप्रपात (Major Waterfalls)
छत्तीसगढ़ में जलप्रपातों का संकेंद्रण सबसे अधिक बस्तर संभाग (Dandakaranya) और सरगुजा संभाग (Pat Pradesh) में है, क्योंकि ये क्षेत्र पहाड़ी और पथरीले हैं।
1. बस्तर संभाग के जलप्रपात (गोदावरी अपवाह तंत्र)
- चित्रकोट जलप्रपात (Bastar):
- नदी: इंद्रावती नदी पर।
- विशेषता: यह भारत का सबसे चौड़ा (लगभग 300 फीट) जलप्रपात है। इसके विशाल आकार और घोड़े की नाल जैसे मुख के कारण इसे ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है। यह छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और मुख्य जलप्रपात है। मौसम के अनुसार इसके पानी का रंग बदलता रहता है।
- तीरथगढ़ जलप्रपात (Bastar):
- नदी: मुनगा-बहार नदी पर (जो कांगेर नदी की सहायक है)।
- विशेषता: यह एक सीढ़ीदार (Step-waterfall) जलप्रपात है, जिसकी कुल ऊंचाई लगभग 300 फीट है। यह कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Kanger Valley National Park) के भीतर स्थित है।
- तामड़ा घूमर और विन्ता घूमर (Bastar): इन्हें विन्ता घाटी में स्थित होने के कारण बस्तर का ‘मखमली जलप्रपात’ भी कहा जाता है।
- चित्रधारा (Bastar): जगदलपुर के समीप स्थित एक बरसाती जलप्रपात।
- सातधारा जलप्रपात (Bijapur): इंद्रावती नदी पर। यहाँ नदी सात अलग-अलग धाराओं (बोधधारा, बाणधारा, शिवधारा आदि) में बंट जाती है।
- मल्गेर इंदुल (Sukma): मल्गेर नदी पर स्थित अत्यंत सुंदर जलप्रपात।
- गुप्तेश्वर जलप्रपात (Sukma): शबरी नदी पर, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित।
- हांदवाड़ा (Narayanpur): इंद्रावती नदी की एक सहायक धारा पर, यह अबूझमाड़ के घने जंगलों में छिपा हुआ एक ऊंचा जलप्रपात है।
2. सरगुजा और अन्य संभाग के जलप्रपात
- अमृतधारा जलप्रपात (Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur – MCB):
- नदी: हसदेव नदी पर।
- विशेषता: यहाँ पास में ही एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहाँ महाशिवरात्रि पर बहुत बड़ा मेला लगता है।
- रकसगंडा जलप्रपात (Surajpur): रिहन्द नदी पर स्थित। इसकी बनावट एक गहरी कुंड जैसी है।
- सरभंजा जलप्रपात (Sarguja): माण्ड नदी पर, मैनपाट के पठार पर स्थित।
- कोटली जलप्रपात (Balrampur): कन्हार नदी पर, पथरीली चट्टानों के बीच स्थित।
- पवई जलप्रपात (Balrampur): चनान नदी पर।
- रानीदाह जलप्रपात (Jashpur): महाकाव्य काल से जुड़ी मान्यताओं वाला जलप्रपात।
- दमेरा और खुरिया रानी जलप्रपात (Jashpur): जशपुर के… पाट प्रदेश के प्रमुख जलप्रपात।
- केंदई जलप्रपात (Korba): बिलासपुर-अम्बिकापुर मार्ग पर केंदई नामक स्थान पर पहाड़ी नदी पर स्थित।
- तीरथगढ़ के बाद तीरथ घूमर (Jashpur) भी प्रसिद्ध है।
भाग 2: सिंचाई परियोजनाएं एवं प्रमुख बांध (Dams & Irrigation Projects)
छत्तीसगढ़ में सिंचाई का मुख्य स्रोत नहरें (Canals) हैं, जिससे लगभग 70% से अधिक सिंचाई होती है। इसके बाद नलकूपों (Tubewells) का स्थान आता है.
[छत्तीसगढ़ के प्रमुख बांध / परियोजनाएं]
हसदेव बांगो बांध (मिनीमाता)
कोरबा / हसदेव नदी
गंगरेल बांध (रविशंकर जलाशय)
धमतरी / महानदी
खुटाघाट बांध (संजय गांधी)
बिलासपुर / खारंग नदी
1. महानदी कॉम्प्लेक्स / मुख्य सिंचाई परियोजनाएं
- गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) — धमतरी:
- नदी: महानदी पर।
- स्थापना: 1978-79।
- विशेषता: यह छत्तीसगढ़ का सबसे लंबा बांध है। इससे रायपुर, दुर्ग और भिलाई स्टील प्लांट (BSP) को पानी की आपूर्ति की जाती है। यहाँ 10 मेगावाट की जलविद्युत क्षमता भी स्थापित है।
- रुद्री पिकअप वीयर (Dhamtari):
- नदी: महानदी पर।
- विशेषता: यह छत्तीसगढ़ का सबसे पहला बांध/सेंध है, जिसका निर्माण ब्रिटिश काल में 1915 में शुरू हुआ था।
- मुरुमसिली (माडमसिली) बांध — धमतरी:
- नदी: सिलयारी नदी पर (महानदी की सहायक)।
- विशेषता: यह एशिया का पहला ‘साइफन बांध’ (Siphon Dam) है, जिसका निर्माण 1923 में ब्रिटिश इंजीनियरों की देखरेख में हुआ था।
- दुधावा बांध (Kanker): महानदी पर निर्मित राज्य की शुरुआती प्रमुख परियोजनाओं में से एक (1962-63)।
2. अन्य महत्वपूर्ण बांध और जलाशय
- मिनीमाता (हसदेव बांगो) परियोजना — कोरबा:
- नदी: हसदेव नदी पर।
- विशेषता: यह छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा बांध (87 मीटर) है। यह राज्य की पहली बहुउद्देशीय (Multipurpose) परियोजना है। यहाँ राज्य का सबसे बड़ा जलविद्युत केंद्र (120 मेगावाट – 40 मेगावाट की 3 यूनिट) कार्यरत है। इससे जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों में भारी मात्रा में सिंचाई होती है।
- खुटाघाट बांध (संजय गांधी जलाशय) — बिलासपुर:
- नदी: खारंग नदी पर (अकलतरा/रतनपुर के पास)।
- भैंसाझार परियोजना (Bilaspur): अरपा नदी पर निर्मित एक नई सिंचाई परियोजना।
- खोंगापानी / मोंगरा बैराज (Rajnandgaon): शिवनाथ नदी पर निर्मित।
- 코드ार बांध (शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना) — महासमुंद:
- नदी: कोडार नदी पर।
- बोधघाट परियोजना (Dantewada) — प्रस्तावित/विवादित:
- नदी: इंद्रावती नदी पर। यह बस्तर संभाग की सबसे बड़ी प्रस्तावित जलविद्युत और सिंचाई योजना है, जो पर्यावरण और आदिवासियों के विस्थापन के कारण लंबे समय से लंबित है।
डायरेक्ट एग्जाम मैचिंग की-फैक्ट्स (Quick Revision)
| बांध/परियोजना का नाम | नया/आधिकारिक नाम | नदी | जिला |
|---|---|---|---|
| गंगरेल बांध | पंडित रविशंकर शुक्ल जलाशय | महानदी | धमतरी |
| बांगो बांध | मिनीमाता जलाशय | हसदेव | कोरबा |
| खुटाघाट बांध | संजय गांधी जलाशय | खारंग | बिलासपुर |
| कोडार बांध | शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय | कोडार | महासमुंद |
| माडमसिली बांध | बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव जलाशय | सिलयारी | धमतरी |